GSPG College
GSPG Thought ⇒ आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः   ||   हमारी तरफ़ सब ओर से शुभ विचार आएँ   ||  LET NOBLE THOUGHT COME TO US FROM EVERY SIDE....RIGVEDA.                     आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः   ||   हमारी तरफ़ सब ओर से शुभ विचार आएँ   ||  LET NOBLE THOUGHT COME TO US FROM EVERY SIDE....RIGVEDA.
बी०ए०/ बी०एस-सी०/बी०कॉम० एवं एम०ए०/एम०एस-सी०/एम०कॉम० प्रायोगिक परीक्षा कार्यक्रम 2015   
Manager Message
शिक्षा जीवन का महत्वपूर्ण अंग है जो हमें बचपन से लेकर बृद्धावस्था तक अनुशासित, संयमित और प्रगतिशील बनाये रखती है| शिक्षा से मनन शक्ति, चेतना, सद्बुद्धि, विचारशीलता तथा ज्ञान की प्राप्ति होती है| अत: शिक्षण संस्थान एक ऐसा फोरम हो जहाँ बहुआयामी विचारों के लिए जमींन तैयार हो। प्रश्नाकुलता की संभावना विद्यमान होनी चाहिए। ताकि सृजनधर्मी राष्ट्र का निर्माण हो।
महाविद्यालय अपनी उत्कृष्ट परंपरा का निर्वाह करते हुए, ऐसे संस्थान के रूप में विकसित हो जहाँ महान राष्ट्र की विविधता परिलक्षित हो। जाति, सम्प्रदाय, धर्म, भाषा, और लिंग जैसी विविधता को संरक्षा और सुरक्षा प्राप्त हो तभी उदारवादी, धर्मनिरपेक्षतावादी और आधुनिक विश्वदृष्टि से संपन्न छात्र/छात्राओं का निर्माण हो सकेगा। युवा युग पुरुष 'स्वामी विवेकानंद' का यह प्रेरक उद्घोष चिरस्मरणीय रहे- "उठो,जागो, तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए ।"                                    शुभकामनाओं सहित .......

श्री ओम प्रकाश पाण्डेय      
(प्रबन्धक)